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Q&A
10:38 PM | 22-09-2020

Hello my mother in law is 54 and she has thyroid thelesemia and Gastric issues too. Now she is having problem like anxiety, stomach issues, headaches, some time cholesterol, borderline diabetes, body pain. Please help


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

05:14 PM | 23-09-2020

Hello Khushboo,

Thalassemia is a blood disorder which is usually inherited and is characterized by the less haemoglobin and red blood cells in the blood. Haemoglobin is a oxygen carrying protein. Thalassemia may also become the cause for endocrine disorders like thyroid. Thyroid disorders can be cured by following a correct diet and lifestyle. 
Thyroid disorder results in hormonal imbalances in the body which leads to other health problems like anxiety, diabetes, osteoporosis, pain, etc. So, the root cause for all such health problems is thyroid disorder which needs to be treated for curing other problems.

Diet

  • Start the day with 3 to 4 glasses of warm water. This will help to flush the toxins out of the body.
  • Drink Vitamin C rich drinks like lemon juice, orange juice, amla juice, etc.
  • Eat sprouts in your breakfast. This will provide you with nutrients that are easily absorbable. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices with fibres. 
  • Eat fresh, seasonal and locally available fruits and vegetables. 
  • Avoid cauliflower and cabbage as these are not good in thyroid disorders. 
  • Drink coconut water. 
  • Have overnight soaked flax seeds.

Yoga

Yoga is very beneficial when it comes to treat the overactive or underactive thyroid gland. It also helps to improve blood circulation and cure many health issues. 

  • Start the day with a short morning walk. 
  • Perform 5 sets of suryanamaskar regularly. 
  • Do padahasta asana, gomukha asana, trikona asana and paschimottan asana. 
  • Practice pranayam regularly specially anulom-vilom and kapalbhati pranayam. 

Sleep

Sleeping plays an important role in maintaining the circadian rhythm and hormonal balance. So, it is important to have a good quality sleep. 

Hence, take a proper sleep of atleast 7-8hours daily. Sleep early at night at around 10pm and also wake up early in the morning at around 6 am. 

Thank you 



05:05 PM | 23-09-2020

हेलो,
कारण - थैथायरॉयड ग्रंथि में विकार उत्पन्न होने का मूल कारण खराब पाचन तंत्र है। 
थैलेसीमिया में हीमोग्लोबिन का पर्याप्त मात्रा में निर्माण नहीं कर पाता है।हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद वह प्रोटीन कण है जो शरीर की हर एक कोशिका तक ऑक्सीजन को पहुंचाने का काम करता है। ऑक्सीजन एक तरह से कोशिकाओं के लिए भोजन का काम करता है जिसकी मदद से वे बेहतर तरीके से अपना काम कर पाती हैं। जब शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है तो शरीर की हर एक कोशिका तक ऑक्सीजन भी कम पहुंचता है। रक्त और ऑक्सीजन के संचार में कमी होने का मुख्य कारण पाचन तंत्र में अम्ल का बढ़ना है। जैसे वायुमंडल में हवा दूषित होने पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है उसी तरीके से शरीर में अम्ल की मात्रा बढ़ने से ऑक्सीजन और रक्त की संचार में कमी आती है। पाचन तंत्र अस्वस्थ है इसलिए गैस अधिक बनता है।
शुगर कोई बीमारी नहीं है। ख़राब हाज़मा और ग़लत खान पान के वजह से शरीर इस रूप में प्रतिक्रिया कर रहा है। शरीीर के किसी भी हिस्सेे में दर्द काा कारण शरीर में बढ़ा हुआ अम्ल है। शरीर के स्वास्थ्य में कमी आने से मानसिक समस्याओं का भी उत्पत्ति होने लग जाता है। मानसिक समस्याओं का भी कारण ऑक्सीजन का संचार ठीक प्रकार सेे नाा होना है। प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर इसे पूर्ण रूप से ठीक किया जा सकता है इसको ठीक होने में 8 से 10 महीने का समय लग सकता है।
समाधान - शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाए। दौड़ लगाएँ।सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें। 10% कच्चे हरे पत्ते और सब्ज़ी का जूस बिना नमक निम्बू के लेना है।30% कच्चे सब्ज़ी का सलाद बिना नमक निम्बू के लेना है।10% ताज़ा नारियल सलाद में मिला कर लेना है। 20% फल को लें। पके हुए खाने को केवल एक बार खाएँ नमक भी केवल एक बार पके हुए खाने लें। पके हुए खाने में सब्ज़ी भाँप में पके हों और तेल घी रहित होना चाहिए सब्ज़ी की मात्रा 20% और millet या अनाज की मात्रा 10% हो।  वर्षों से जमी टॉक्सिन को निकालना ज़रूरी है। किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में पहली बार लें। एनिमा किट मँगा लें । यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 100ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में एक बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में उपस्थित विषाणु निष्कासित हो जाये। शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।
पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।
आपका मुख्य आहार ये हुआ तो बहुत अच्छा हो जाएगा।
1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।
2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें।
3 अग्नि तत्व- सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।
4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।
नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।
मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 
5 पृथ्वी- सब्ज़ी, सलाद, फल, मेवे, आपका मुख्य आहार होगा। आप सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें।
दोपहर में 12 बजे फिर से कच्चे सब्ज़ी जूस को लें। इसके एक घंटे बाद खाना खाएँ।शाम को 5 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस कर 100 ml पानी मिला। 2 घंटे तक कुछ ना लें। रात के सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डाले। ताज़ा नारियल मिलाएँ। रात का खाना 8 बजे खाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। इसे बिना नमक के खाएँ, बहुत फ़ायदा होगा।

 6.  एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल (liquid) को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें। ठोस (solid) भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ (liquid) ले सकते हैं। ऐसा करने से हाज़मा कभी ख़राब नहीं होगा। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन छोड़ने से ज़्यादा लाभ होगा।
तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। 
धन्यवाद।
रूबी, 
प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)



10:31 AM | 23-09-2020

Dear Khushboo,

We do appreciate your concern for your mother-in-law's health condition. We would like to share with you how you can deal with these problems as per Nature Cure.

Please understand that, as per Nature Cure, the body works in unison and different health issues (thyroid, gastric issues, diabetes etc in your mother-in-law's case) eventually are related. Toxic overload is the basic root cause of all diseases. Toxins are a byproduct of metabolism and also get added due to wrong lifestyle choices. Over a period of time, this toxic overload can lead to hormonal imbalance and that is when there are issues like thyroid (hypo/hyper), digestive issues etc.

As per nature cure, one can reverse this state of imbalance by getting back in sync with the natural laws of living. We would thereby urge your mother-in-law to transition into a natural lifestyle and experience the body's own healing mechanism. You can explore our Natural Health Coaching Program, for your mother-in-law. It helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your mother-in-law's daily routine in a comprehensive way and give her an action plan. She / he will guide her on diet, sleep, exercise, stress to correct her existing routine & make it in line with Natural Laws.

In the meanwhile, please also refer to the below resources:

Blog: Hypo or hyper thyroid - Correct imbalance naturally

Real-life natural healing stories of people who cured thyroid just by following Natural Laws.  

Wishing good health for your mother-in-law!

Team Wellcure

 


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