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Q&A
08:10 AM | 20-10-2020

My mother has been diagnosed with lymph node tuberculosis. She gets a fever of 100 degrees and reduced weight. There is a lot of weakness. What kind of precautions we should take in diet, medications? How to curb the medication's side effects? Are we supposed to take food supplements also? Kindly guide.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

09:20 AM | 21-10-2020

Hello,

Lymph node tuberculosis is one of the most common extrapulmonary manifestations of tuberculosis. It usually causes painful swelling of one or more lymph nodes. More often, the disease localised to the anterior or posterior cervical chains or supraclavicular.
Here are some of the steps which should be followed to cure it naturally. 

Diet to follow

  • Have one amla daily. This will help to build immunity and has antioxidants.
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices. 
  • Drink almond milk.
  • Eat soaked nuts and dry fruits in the morning on an empty stomach.
  • Have sprouts in your breakfast. 
  • Have fresh, seasonal, and locally available fruits and vegetables. 
  • Include whole grains like barley, millets, oats, etc in your diet.

Foods to avoid- 

  • Avoid alcohol and tobacco. 
  • Say no to tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid dairy products and animal foods. 
  • Avoid processed, packaged, preserved, oily and spicy foods.

Exercise 

  • Start the day with a short morning walk of at least 30min. 
  • Perform pranayam regularly specially anulom-vilom, kapalbhati and bhastrika pranayam. 
  • Walk barefoot on grass early in the morning. 
  • Take early morning sun rays daily for at least 20min. 

Sleep

Sleeping pattern is important for maintaining the circadian rhythm and hormonal balance. When we sleep, our body repairs the cells and secretes proteins that build our immunity. Hence, have a proper sleep of at least 7-8hours daily. Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. 

Thank you 



08:32 AM | 20-10-2020

Namskar!

We totally empathise with you for concern about your mother's health. 

Given the background of the problem you have shared, we would suggest that you take one-on-one consultation from a Nature Cure expert. You could share the nature of the problem and other things in detail and get guidance accordingly. We can help you connect with a Nature Cure expert if you want. You could mail us at info@wellcure.com. Do mention the city you reside in.

Wishing good health for your mother!

Team Wellcure



09:21 AM | 21-10-2020

हेलो,
कारण - लिम्फ नोड (लसिका प्रणाली, गर्दन की गंडमाला में) में होने वाली टीबी को लिम्फ नोड टीबी कहा जाता है। शरीर की आंतरिक और बाह्य सफाई बहुत जरूरी है। आंतरिक सफाई के लिए किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

जीवन शैली- 1. सुबह खाली पेट हर्बल जूस लें। बेल पत्र 3 पीस कर 200 ml पानी मिला कर छान कर मुंह में रख रख कर पिएं।

2. सूर्य के रोशनी शरीर में लेट कर लगाएं। सिर और आंख को सूती कपड़ा से ढक लें। ऐसा 20 मिनट करें। सूर्य उदय के एक घंटे बाद का धूप या सूर्य अस्त के एक घंटे 1 का धूप बहुत अच्छा होता मगर धूप यदि सिर और आंख को ढक कर लें तो किसी भी वक़्त धूप ले सकते हैं।

3. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

4. नाश्ते में केवल मौसम के फल केवल एक प्रकार के लें।

 दोपहर में सलाद बिना नमक नीबू के लें।

सलाद को अकेले पूर्ण खुराक के रूप में लें। उसके साथ या बाद में पका हुए भोजन को ग्रहण ना करें। सलाद का पाचन समय 5 घंटा है तो पांच घंटे के बाद रात का भोजन लें।

रात के भोजन में 70% सब्जी डालें और 30% अनाज या millet लें। पका हुआ भोजन 35 साल से ऊपर के सभी व्यक्ति को दिन में केवल एक बार पका हुआ भोजन का सेवन करना चाहिए। यदि स्वास्थ में किसी प्रकार का कमी हो तो एक वक़्त का पका हुआ भोजन भी नहीं लेना उत्तम होता है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी ले।

 ये जीवन शैली में अनिवार्य रूप से उतारने से स्वास्थ उत्तम होता है।

5. पानी को या जूस को मुंह में घूंट भर कर रखे फिर घूंट को अंदर लें इससे आपका मुंह का लार जूस में मिल कर सुपाच्य प्रोटीन का निर्माण करता है जो कि शरीर की जरूरत है।

फल या सलाद को खूब चबा कर खाएं। ऐसा करने से शरीर 

को इन के पोषक तत्व ठीक प्रकार से मिल पाते हैं। फल और सलाद ठीक प्रकार से चबाने से हमारा लार उसके साथ मिलकर के कई विटामिन और कई मिनरल्स खुद से क्रिएट करता है जो कि हमारे शरीर का अहम घटक है।

6. हफ्ते में एक दिन उपवास करने से शरीर को मौका मिल जाता है स्वता ही पूरे शरीर की आंतरिक सफाई का जो कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए अहम भूमिका निभाता है।

उपवास का मतलब यह है कि आपका 2 बार का भोजन ना लें जैसे सुबह का नाश्ता दोपहर का खाना ना लेकर सीधा शाम को ले या हो सके तो पूरे दिन का उपवास रखें शाम को भी कुछ ना ले। प्यास लगने पर पानी घूंट भर कर रखें फिर अंदर गट करें।  पानी पेट भरने के लिए ना पीएं केवल प्यास बुझाने के लिए,  मुंह में घूंट भरते ही दो से तीन घूंट आपके प्यास को बुझा देगा।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator


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