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Q&A
03:05 PM | 13-11-2020

Hi! I am too thin but I want to build up my body a little bit so I can fit in my dresses. Please help me.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

12:26 PM | 16-11-2020

Namaskar!

Nature Cure believes that the root cause of most of the health conditions is Toxaemia- the accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle- wrong food habits, lack of rest and stress. We do understand your problem, however, we urge you not to get stressed as you can achieve optimal body weight by making certain lifestyle changes.

You can explore our Natural Health Coaching Program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on the diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws'.

Regards

Team Wellcure



11:16 AM | 18-11-2020

Hello User, 

Diet is very essential for a healthy body and mind but along with this, physical activity, correct lifestyle and sleeping habits are also equally important. Eating correctly is essential but along with a correct diet, appropriate absorption of the foods that we eat is also important, so that our body can utilise the nutrients present in the foods.

Diet to follow- 

  • Start the day with a glass of warm water with a few drops of lemon juice in it. This will help to boost the metabolism as well as to flush the toxins out of the body. 
  • Eat only plant-based natural foods. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices. 
  • Have soaked dry fruits and sprouts in the morning on an empty stomach to get the easily absorbable nutrients. 
  • Eat fresh fruits and green leafy vegetables.
  • Drink almond milk.
  • Have whole grains like barley, millets, oats, etc.
  • Use cold-pressed oil for cooking. 
  • Drink plenty of water throughout the day to be hydrated and remove the toxins out of the body. 

Foods to avoid- 

  • Avoid animal foods and also avoid dairy products.
  • Avoid processed, packaged foods. 
  • Avoid carbonated drinks. 
  • Avoid white sugars.
  • Avoid refined oils and refined grains. 

Exercise 

Exercising is very important for a well functioning digestive system so that the nutrients can be absorbed efficiently from the food.

  • Do suryanamaskar daily. 
  • Do kapalbhati pranayam. 
  • Do plank for 5min daily. 
  • Take sunrays early in the morning for 15 to 20 minutes. 

Sleep

Sleep deprivation may also lead to certain issues like weakness, digestive problems, etc. Hence, take proper sleep of at least 7-8hours regularly. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Thank you



11:41 AM | 16-11-2020

हेलो

कारण - शरीर में आकाश तत्व की कमी के वजह से ऐसा होता है। आकाश तत्व की कमी से होता क्या है की शरीर ने पोषक तत्व जो पाया आपके भोजन से उसको पुरे शरीर में  प्रसार (circulate) नहीं कर पाता है। जैसे की आपके पास पैसे हैं पर आपके लिए जो काम करने वाले लोग हैं उन तक उनकी फ़ीस पहुँच नहीं रही है तो वो काम कैसे करेंगे। ठीक ऐसे ही पोषक तत्व आया मगर शरीर के रक्त, मांसपेशी, कोशिकाओं तक पहुँचा नहीं। क्योंकि उसको पहुँचने के लिए जो (gap) की ज़रूरत है, वो हम नहीं दे रहे है।

कब्ज एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति का पाचन तंत्र खराब हो जाता है, जिसके कारण वह जो भी खाना खाता है उसे पचा नहीं पाता है। यह भी अम्ल की अधिकता और आकाश तत्व की कमी की वजह से हो रहा है।प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य पाया जा सकता है।

समधान - शारीरिक और मानसिक क्रिया में संतुलन बनाएँ। फल के बाद 3 घंटे का gap रखें। सलाद बाद 5 घंटे का अंतराल रखें। पका हुआ खाना के बाद 12 घंटा का अंतराल रखें। 

जीवन शैली - शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।I

दौड़ लगाएँ। सूर्य नमस्कार 5 बार करें।

3 अग्नि तत्व- सूरर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें।

पेट पर खीरा का पेस्ट 20 मिनट लगाएँ। फिर साफ़ कर लें। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

5. पृथ्वी तत्व- कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है।  सुबह ख़ाली पेट इनमे से कोई भी हरा जूस लें।पेठे (ashguard ) का जूस लें और  नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर 100ml पानी में मिला कर छान कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ।

ये जूस सुबह नाश्ते से एक घंटे पहले लें। नाश्ते में फल लें। दोपहर के खाने से एक घंटा पहले हरा जूस लें। खाने में सलाद नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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