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Q&A
11:09 AM | 21-01-2021

How to detect Vitiligo?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

01:12 PM | 25-01-2021

Hello User,

Vitiligo is a skin condition in which a certain part of the body lose pigments and turn white. It is believed that vitiligo is an autoimmune disorder and a strong immune system can prevent the spread of the depigmentation. So, a healthy diet is recommended in vitiligo for Boosting the immune system. 

Diet to follow- 

Fruits - Apricots, figs and ripe mangoes should be eaten in vitiligo to improve the health status.

Vegetables - Have a plant-based natural diet including spinach, beetroot, Carrot, potato, cabbage, radish, cauliflower, bitter guards, red chilli and green beans. Make sure that you include all these veggies in your diet as long as you don't have any problem like allergies from them.

Proteins - For proteins have kidney beans, chickpeas, lentils and mushrooms. 

Whole grains - Have oats, brown rice, quinoa, corn, barley, millets, etc.

Beverages - You can have coconut water and freshly prepared homemade fruit juices and vegetable juices. 


Foods that may create problems and need to be avoided -

  • Alcohol
  • Blueberries 
  • Citrus fruits
  • Coffee
  • Curd
  • Animal products like fish
  • Gooseberries 
  • Grapes
  • Pomegranate 
  • Tomatoes 
  • Pears.

Along with the diet, lifestyle and sleeping patterns are also important. 

Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Don't use any electronic appliances atleast 1 hour before sleeping. Instead, read books before sleeping. This will to improve the quality of sleep. 

Thank you



01:14 PM | 25-01-2021

Namaskar,

Thanks for sharing your concern with us! We would like you to understand things from a Nature Cure perspective.

As per Nature Cure, our body is designed to stay in a state of health, and diseases are often an attempt to restore any imbalance inside the body. The imbalance is caused because of toxins - which are an output of metabolism and are also added due to unnatural lifestyle choices. Nature has equipped us with the measures of eliminating the toxins on a regular basis - through breathing, stool, urine, sweat, mucus depositions in the nose, eyes, and genitals, etc. Whenever there is toxic overload due to insufficient or faulty elimination our body starts a few special elimination processes. Those are considered as Acute diseases like Flu, Loose-motions, cough, cold, fever, skin rashes, and acute pain. At this stage, instead of supporting the body to get rid of toxins we often suppress symptoms by restoring to quick-fixes like medicines, etc. As a result, the body is unable to throw away the toxins. This is when the ever-increasing amount of toxins in the body starts creating long term disease conditions such as diabetes, blood pressure, asthma, ulcer, etc. Increased creatinine levels are an indication of faulty elimination. And when we further ignore the symptoms or try to suppress them and then the state of the disease takes a turn for the worse. This is when the body has completely given up and starts shutting down slowly, resulting in degenerative diseases. Vitiligo is also a degenerative condition.

The way to reverse diseases is to adopt a natural lifestyle which in turn helps get rid of the toxins and supports the body by providing the right environment for self-healing. We would thereby recommend you to adopt a natural lifestyle. You can explore our Natural Health Coaching Program that helps you in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your daily routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you on the diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws.

In the meantime, we would like to guide you to these resources: 

  1. Blog - Understand body's natural healing mechanism
  2. Health Journey of managing vitiligo naturally

All the best!

Team Wellcure



01:12 PM | 25-01-2021

हेलो,

कारण - विटिलिगो एक ऐसा विकार होता है, जिससे शरीर के विभिन्न भागों की त्वचा पर सफेद दाग बनने लगते हैं। यह इसलिए होता है क्योंकि त्वचा में वर्णक (रंग) बनाने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं, इन कोशिकाओं को मेलेनोसाइट्स (Melanocytes) कहा जाता है।यह ऑटोइम्यून डिसऑर्डर के कारण हो सकता है मगर इसका मूल कारण पाचन तंत्र का स्वास्थ्य बिगड़ने से जुड़ा हुआ है। त्वचा हमारे शरीर का सहज ज़रिया है अम्ल (acid) को प्रतिबिम्बित करने का। शरीर (elimination)निष्कासन की प्रक्रिया में लगा है। हम उसको आहार शुद्धि से मदद करें।

समाधान - 1. खीरा, गुड़हल के फूल (hibiscus) का पल्प का पेस्ट वंहा लगाएँ जंहा परेशानी है।  20मिनट के लिए लगाएँ। 

2. त्वचा को गुलाब जल बेसन और हल्दी से साफ़ करें। साबुन या कोई भी क्रीम का प्रयोग बंद कर दें।

3. खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

4. मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें। हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें।अपने मेरुदंड को उस पर रखें।

5. बार बार कुछ भी खाने से बचे फल के बाद 3 घंटे का अंतराल (gap) रखें। क्षार (alkaline) जूस के बाद 1घंटे का अंतराल रखें। कच्चे सब्ज़ियों के सलाद के बाद 5 घंटे का अंतराल रखें। अनाज और पकी हुई सब्ज़ी अगर तेल रहित (oil free) के बाद 8 घंटे का तेल घी का प्रयोग किया गया हो तो 12 से 13 घंटे का अंतराल रखें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें। 

6. त्वचा या शरीर के किसी भी हिस्से को स्वस्थ प्रदान करने के लिए ज़रूरी है।सुबह लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।

7. सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

8. सुबह ख़ाली पेट आधा खीरा 5 पुदीने या करी पत्ते के साथ पिस कर उसमें 100ml पानी मिला कर पिएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। जूस को मुँह में रख कर एक बार सहज स्वाँस लें फिर घूँट अंदर लें।2 घंटे बाद कोई भी एक तरीक़े का फल नाश्ते में लें।फल को ठीक से चबा कर खाएँ। कोई नमक या चाट मसला या चीनी, दूध मिक्स ना करें। दोपहर 12 बजे सफ़ेद पेठे (ashguard) 20 ग्राम पीस 100ml पानी मिला कर लें।

नमक सेंधा ही प्रयोग करें। नमक की पके हुए खाने में भी बहुत कम लें। सब्ज़ी पकने बाद उसमें नमक डालें। नमक पका कर या अधिक खाने से शरीर में (fluid)  की कमी हो जाती।

सलाद दोपहर 1बजे बिना नमक के खाएँ तो अच्छा होगा क्योंकि नमक सलाद के गुणों को कम कर देता है। 

सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी लें।रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। रात 8 बजे के बाद कुछ ना खाएँ, 12 घंटे का (gap) अंतराल रखें। 8बजे रात से 8 बजे सुबह तक कुछ नहीं खाना है।

9.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर

खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

10. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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