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Q&A
03:50 PM | 09-01-2019

Is there a way to deal with accumulated gas on a particular side of abdomen leading to acute pain and discomfort?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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8 Answers

10:53 AM | 09-01-2019

Roast little bit of ajwain on a tawaa & have it with a glass of water. You may add little rock salt in ajwain for taste. Walk briskly for 15-20 minutes or try the yoga pose - pawan muktasana, its called the gas releasing pose, google it.



10:53 AM | 09-01-2019

You could also look at food combinations, are you eating the right foods at the right time.  Fruits should be large proportion of your daily meals but should be eaten alone, never with or after meals. Atleast 2 hour gap.  Similarly, you could look at lowering your grains intake during meal times and instead add raw vegetables as salads or juices taken before meals (Salads can be mixed with meal). Contrary to what is commonly believed, raw vegetables will add the necessary enzymes to aid digestion of cooked foods thus reducing bloating and acidity.



10:53 AM | 09-01-2019

Gas, bloating, indigestion all are indicators of body to signal that the digestion load is high. Which means you need to relook at the foods you are eating. Give a break to heavy digesting foods such as dairy, grains and non veg for some time. Increase ample servings of fruits both in morning and evening. Esp local, seasonal fruits. Don’t’s mix these with meals.

Focus on removing processed foods such as bread, white sugar, refined oils, and table salt completely from your and family’s meal. Switch to better alternatives such as jaggery, sendha namak.  Cook your food in minimal or no oil at all.



10:52 AM | 09-01-2019

Sit on a chair with spine straight, legs firmly touching the ground, place left palm over left knee. With right-hand clap on the backhand of left hand placed on left knee for 10 minutes. Do same for the right hand, place your right palm on right knee and clap the backhand of right with the left hand for 10 minutes.



10:30 AM | 10-01-2019

Yes Asha .. I have heard it helps. 



02:27 PM | 08-06-2020

Hello,

Bloating and gas are due to improper digestion, intolerance to a particular food or it may also occur due to overeating. 

Diet

  • Don't overeat. 
  • Never skip meals.
  • Eat only plant-based natural foods.
  • Add roasted heeng, jeers, and ajwain in food while cooking.
  • Include salads, sprouts, nuts, and beans in your diet. 
  • Drink freshly prepared homemade fruit juices. 
  • Avoid dairy products and animal food products. 
  • Avoid tea and coffee. 
  • Say no to alcohol. 
  • Avoid processed foods and packaged foods. 
  • Drink sufficient water during the day to be hydrated. 

Exercise 

Lack of physical activity may also lead to bloating. So, being physically active is also important. 

  • Start the day with a short morning walk of at least 30min. 
  • Take short walks after every meal. 
  • Sit in vajra asana after major meals.
  • Practice suryanamaskar daily. 
  • Do bhujanga asana, gomukha asana, trikona asana, padahasta asana. 

Sleeping

A correct sleeping pattern is equally important as a correct diet. It affects the circadian rhythm and overall health. 

Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. Take proper sleep of at least 7-8hours daily. 

Don't use any electronic devices 1hour before sleeping. 

Thank you 



07:31 PM | 09-01-2019

Check for kidney stones or gall stones. Even if that’s the case, go on a juice diet for 3 days. The stones will dissolve by themselves. Apart from that, others have answered for other possible reasons. 

09:58 PM | 09-01-2019

Just 3 days of juice is enough to dissolve stones?

Reply


12:16 PM | 04-06-2020

हेलो,
कारण - खाना जो देर तक पचता नहीं है और शरीर के अंदर काफी लंबे समय तक सड़ रहा होता है उसके वजह से अम्ल की अधिकता हो रही है। अम्ल की अधिकता से पेट मेंं इन्फ्लेमेशन होता है जिसकी वजह से पेट में दर्द्द महसूस कर रहे हैं। पेेट  में बना हुआ अम्ल ऑक्सीजन और रक्त संचार मेंं अवरोध उत्पन्न कर रहा है।
 प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य का लाभ उठा सकते हैं।

समाधान- 1. ऐसा खाना जो कि देर तक पछता नहीं है उसका त्याग करें। जैसे दूध, गेहूं, मैदा, रिफाइंड नमक और रिफाइंड शुगर और पैकेट फूड।

फल, सब्जी, और कच्ची सब्जी का जूस को प्रतिदिन ले। जितना हो सके भोजन चबाकर खाएं।

ऐसा करने से पाचन शक्ति मजबूत होगा और आंतों की सफाई हो पाएगी। 

2. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने 5 मिनट पीछे 5 मिनट दाएं 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं। धूप लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए। 

3. प्रतिदिन अपने पेट पर खाने से 1 घंटे पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद गीले मोटे तौलिए को लपेटे एक तौलिया गिला करके उसको निचोड़ लें और हूं उस तौलिए को 20 मिनट तक अपने पेट पर लपेटकर रखें ऐसा करने से आपका पाचन तंत्र दुरुस्त होगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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