12:19 PM | 14-03-2020

A very close family member is suffering from neoendocrine cancer. Chemotherapy is going on, but are they are any natural treatments which can be followed?

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

12:09 PM | 17-03-2020

Hello User,

We can empathize with what you and your relative both are going through only with a healthy motivation and support this situation can be dealt in an effective manner.

To start with tips on diet please avoid milk, cheese and gluten from their diet because they are very hard to digest and body's energy cannot be wasted when it is fighting the disease. It is time to take measures for a lighter and healthier diet and exercise which can be done easily.

A holistic measure is the only way you can treat this thing completely.


The first thing in the morning is to start your day with something light in nature and easy to digest is what your breakfast should be because they are the kind of nutrients that get absorbed easily. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins.

An anti-oxidant rich diet with sources like berries, oranges, lemon are very much helpful. Consuming them two hours after any meal will be helpful. Combine minerals in their diet to increase nerve strength. Things like chia seeds and flax seeds a very much useful to increase their nerve tissue power.


  • Pranayam helps in detoxifying the body, practising it early morning in an area which has good sunlight will help in improving blood circulation.
  • Simple non straining stretching exercise with poses like sukhasana and shavasana will be helpful in their state.
  • A brisk walk in early morning sun from 30-45 minutes, helps in treating your body to its level best. Sun is a great source of Vitamin D that is why walking in the Sun and connecting with the sun also help in activating our cells and rejuvenate us for the whole day.


In any kind of disease, stress comes complementary to it, but with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleep with the help of music to stay positive. Use a 15-minute relaxation technique before sleep, by hearing a piece of soothing music and deep breathing will help in relaxing your mind.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Communicating with people who are suffering from a similar type of illness is what is beneficial because it is a great stress buster. You being the family member can really help by motivating them to live a life of quality. You can encourage them to join a new type of hobby class like dancing, painting, sculpting which will motivate them to look forward to something new each day.


Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem, sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body. During sleep, our body goes into a repair mechanism where it heals thy self.

Hopefully, these suggestions will help you

Thank you

02:16 PM | 16-03-2020

Dear Kabeer,

We do empathize your concern as cancer is a serious health condition. We do appreciate you must be exploring all possible channels for curing your relative. However, it may not be appropriate to provide any guidance on this forum on the basis of limited information. Also, please do know that a key factor in any cancer reversal is the mental strength of the person & how keen is he/she to live longer & live well. A Nature Cure expert/naturopath will be able to assess your family member's condition & recommend required changes in diet & lifestyle if any.

We would like to guide you to cancer journeys on our website. We sincerely hope the concerned person feels inspired to take charge of his/her health. 

All the best!

Team Wellcure

10:56 AM | 16-03-2020

कारण - (Neuroendocrine system) की हार्मोन बनाने वाली कोशिकाओं में शुरू होता है। न्यूरोएंडोक्राइन प्रणाली हार्मोन बनाने वाली कोशिकाओं और तंत्रिका कोशिकाओं का संयोजन होती है। न्यूरोएंडोक्राइन कोशिकाएं पूरे शरीर में पाई जाती हैं, जैसे फेफड़े और जठरांत्र पथ (इसमें पेट और आंत शामिल हैं)। न्यूरोएंडोक्राइन कोशिकाएं विशिष्ट कार्य करती हैं, जैसे फेफड़ों के अंदर खून और हवा के प्रवाह को विनियमित करना और यह नियंत्रित करना कि भोजन कितनी गति से जठरांत्र पथ से गुजरता है। कैंसर होने का मुख्य कारण शरीर में अम्ल की अधिकता है हमारा खान-पान कुछ ऐसा रहा कि लंबे समय तक शरीर में वह ठीक प्रकार से ना हजम हो सका और ना ही निष्कासन हो सका। इस वजह से  शरीर इस रूप में प्रतिक्रिया कर रही है अगर हम अपना खानपान में सुधार लाएं तो कैंसर का भी इलाज संभव है।

कैंसर  सुरक्षित बीमारी है यदि उसको छेड़ा ना जाए कैंसर छेड़ देने के बाद बायोप्सी या कीमोथेरेपी के बाद इसमें कई तरीके के विकार उत्पन्न हो जाते हैं। फिर भी प्रकृति हमेशा मौका देने में विश्वास रखती है यदि हम प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में प्राकृतिक चिकित्सक की देखरेख में प्राकृतिक जीवन शैली को अपना लें तो सुधार संभव है निश्चित है।

समाधान- 1. जितना हो सके कच्चे हरे पत्तों का जूस छानकर पिए। जैसे पालक, दूब घास, बेलपत्र, धनिया पत्ता, तुलसी का पत्ता इन्हें अलग-अलग टाइम पर पीसकर 200ml पानी मिलाकर छानकर पीएं खाली पेट इन पत्तों का जूस बहुत ही ज्यादा लाभदायक होता है। यह रक्त को शुद्ध करेगा। 21 दिनों तक लगातार केवल इसी तरल पदार्थ पर अपने शरीर को रखें ताकि शरीर में मौजूद टॉक्सिंस बाहर निकल पाए और 21 दिनों तक लगातार 200ml पानी से एनिमा ले ऐसा करने से शरीर अंदर से पूरी तरीके से साफ हो सकेगा और तभी नई कोशिकाओं का जन्म होगा। ऐसा करते वक्त आप जरूर किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देखरेख में करें ताकि आपको उचित सलाह मिल सके।

 2. 20 मिनट सूर्य की रोशनी में अपने शरीर को रखें सिर और आंख को किसी सूती कपड़े से ढक करके 5 मिनट बैक 5 मिनट फ्रंट 5 मिनट लेफ्ट 5 मिनट राइट साइड धूप लगाए। धूप लेट कर लगाने से ज्यादा फायदा करता है।

ऐसा करने से शरीर में पल रहे विषाणु मूर्छित हो जाएंगे।

 3. पेट के ऊपर एक गिला कपड़ा लपेट कर रखें 20 मिनट तक उसको लपेटे रखें इससे आंत को ठंडक पहुंचेगी और विषाक्त कणों को निष्कासन में मदद मिलेगा।

4. हर 3 घंटे में लंबा गहरा श्वास अंदर लें उसको थोड़ी देर रोकें और फिर सांस को खाली करें। खाली करने के बाद फिर से रुके और फिर लंबा गहरा सांस ले। यह एक चक्र है ऐसा दिन में 10 चक्र करें केवल एक शर्त का पालन करें जब आप लंबा गहरा सांस ले रहे हैं तो अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा का बढ़ेगी और ऑक्सीजन का संचार सुचारू रूप से हो पाएगा।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।



प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

06:57 PM | 14-03-2020

Neuroendocrine cancers are malignant tumours that begin in specialized cells called neuroendocrine cells. Neuroendocrine cells have traits similar to those of nerve cells and hormone-producing cells.Neuroendocrine tumours are rare and can occur anywhere in the body. Most neuroendocrine tumours occur in the lungs, appendix, small intestine, rectum and pancreas.

Cancer happens when the cells gets damaged by acids and cell starts mutating creating an environment for its abnormal growth. Nothing else can make a cell do this. Only acids (Ph value). Many cells in the body get exposed to acids and die / face inflammation daily and also starts mutating. But when the overall bodys vitality is unable to stop such rogue occurances, the body has reached a stage of cancer where the body tries to contain the rogue cells in a sac called a tumour. The entire body is acidic when a person has clinically termed as having cancer. The area of the tumor has been compromised further and hence the deposits are there. Cancers dont spread technically. The perspective looks like spreading. But what happens is the weakest and most acidic cells succumb and the strongest is the last. The cells of neuroendocrinewould have accumulated all the acidic toxins and hence its most concentrated there.

I am working with someone who was already taking chemo for colon cancer. The operation was also done when they found me. I put them on a natural regime. Its been about 9 months and the person is free of all cancer cells after a PET and blood test now. Doctors have to now put the colon back inside.

Taking chemo or no is a choice by the family. We can advise on what steps must be followed when natural cure happens. Age is a big factor, what other complications the person is suffering from, what is the leftover vitality of the body to regain the strength to clean itself, how strong is the support system of the patient to support him/her, how strong is their own willpower to maintain discipline in a prescribed regime, how desperately they want to follow this and heal naturally, how is their state of mind - is it always filled with negativity / he is a positive and optimistic person, what stage is the cancer in ( how far developed it is etc. Many factors come in for healing naturally. However, as humans, we cannot judge the body's potential to recover unless he tries it and understands that as time progresses after he has invested in this process 100% mind body and spirit.

I hope this clarifies,

Be blessed

Smitha Hemadri(Holistic lifestyle coach)

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