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Q&A
02:31 PM | 04-05-2020

I have PCOS & what is the initial home therapy?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

12:19 PM | 05-05-2020

Hello Joseph Manikombel, 

Any disease can make you pre-dispose to another, because of your lifestyle continuation, if you take care of your lifestyle at this moment than there are definite chances that you get your self treated well. 

Causes like high-fat diet, sedentary lifestyle, getting exposed to adulterated food. Our reproductive tract if not taken care well then lead to such symptoms. In any case, the cure remains the same, which is a holistic cure in nature's way. 

Eat:

  • Start with food items like jaggery, dates, sprouts, green leafy vegetables which help in increasing iron content as well as regularise our menstrual cycle.
  • Vitamin C addition helps in easy-iron absorption, for example adding lemon in dals.
  • Include one fruit like apple, papaya, a banana a day to have a healthy GUT.
  • Eating methi seeds with warm water also helps in healthy periods.
  • You can also have cinnamon water, empty stomach as it is also helpful. 

Exercise:

  • Sleep on your back, raise your one leg and start rotating in a circular motion for 5 times and place it back, repeat the same with another leg. This will elevate your uterine muscles.
  • Squats are another exercise to improve uterine health. Do it 15-20 times at one time.
  • Sit and take 10-15 long deep breaths from the abdomen, to release all the toxicity.

Meditation:

While sleeping, take a bowl of water. Put two-three essential oil drops like lavender or orange and inhale it. It will help in calming nerves and discomfort during periods. Listen to music for 15 minutes by closing your eyes and deep breathing, this will help in treating stress.

Sleep:

Sleep should be of 7-8 hours, sound. This will help in releasing all stress and treat all the issues in a healthy manner. It is time to get yourself healthy and wise.

Hopefully, these suggestions will be helpful

Thank you



04:54 PM | 04-05-2020

Namaste!

Your medicine is - natural lifestyle. Shifting to a natural lifestyle will help you in addressing the problem at its root. As per Natural Laws, cysts & irregular periods (timing, duration, flow) happen due to accumulation of toxic material in the body which leads to hormonal imbalance. Please read inspiring Women’s Health related stories in our Journeys section. Here is one for you:

Rosacea-overweight-ovarian-cyst-how-i-beat-them-all

You can explore our Nature-Nurtures Program that helps you in making the transition, step by step. We will guide you on diet, sleep, exercise, stress to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. 

Wishing you the best of health.

Regards
Team Wellcure



04:41 PM | 04-05-2020

हेलो,
कारण - PCOS एक ऐसी स्थिति है जिसमें महिलाओं के सेक्स हॉर्मोन्स एस्ट्रोजन (Estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (Progesterone) का संतुलन बिगड़ जाता है। इससे अण्डाशयी सिस्ट (Ovarian Cyst) बन जाती है। पीसीओएस एक महिला के मासिक धर्म चक्र, प्रजनन क्षमता प्रभावित कर सकता है।

हार्मोन में विकार तभी उत्पन्न होता है जब शरीर में खाया हुआ भोजन ठीक प्रकार से पचता नहीं है। तनाव, अनिद्रा और शारीरिक शिथिलता इसके मुख्य कारक है। मूल कारण खराब हाजमा और लंबे समय तक का कब्ज है। शुगर से पीसीओएस का वैसे कोई संबंध नहीं है लेकिन मूल कारण से इसका गहरा संबंध है क्योंकि खानपान में अशुद्धि और खराब हाजमा पीसीओएस और शुगर के लिए मूल कारण होता है।

समाधान - 1. पेट पर खीरा और नीम के पत्ते का पेस्ट 20 मिनट तक लगाकर छोड़ें।

2. हरे पत्ते का जूस आपको बहुत फायदा करेगा, कोई भी हरा पत्ता दूब घास, बेलपत्र या पालक के पत्ते का जूस खाली पेट में 200 ml पिएं।

3. खाना खाने से घंटा पहले या खाना खाने के 2 घंटे बाद पेट पर गिला कपड़ा लपेटकर रखें ऐसा करने से हाजमा दुरुस्त होगा।

हफ्ते में 3 दिन एक दम में पानी भरे नाभि तक वह पानी रहना चाहिए उसमें बैठे 20 मिनट बाद उसे बाहर निकले यह आपके गर्भाशय को स्वच्छ करने में मुख्य भूमिका निभाएगा। हफ्ते में 3 दिन मेरुदंड स्नान करें एक गीला तोलिया बिनानी निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और अपनी रीढ़ की हड्डी से लेकर कंधे तक का हिस्सा यानी अपनी पूरी रीढ़ की हड्डी को गीले तौलिए पर रखें 20 मिनट बाद वहां से उठ जाए।

4. दौड़ लगाएं। सुप्त मत्स्येन्द्रासन, धनुरासन, अनुलोम विलोम, पवन मुक्तआसन करें। पश्चिमोत्तानासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शवासन करें। हार्मोन को संतुलन करने में लाभ मिलेगा।

5. सूर्य की रोशनी में 20 मिनट का स्नान सूर्य की रोशनी से करें 5 मिनट सामने, 5 मिनट पीछे, 5 मिनट दाएं, 5 मिनट बाएं भाग में धूप लगाएं।दुख हमेशा लेट कर लेना चाहिए धूप की रोशनी लेते वक्त सर और आपको किसी सूती कपड़े से ढक ले। सूर्य नारी मंद होने पर  इन्फेक्शन अधिक होता है अतः आप जब भी सोए अपना दायां भाग ऊपर करके सोए।  इसे हाजमा ठीक होगा।

6. सुबह खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashgourd ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6. सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं। तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं। हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

10:26 PM | 04-05-2020

Hii mamm thank zzz for the reply but I don’t know hindi

Reply
Anchal Kapur

02:50 PM | 05-05-2020

Try using Google translator.



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