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Q&A
11:15 AM | 06-07-2020

How to reduce pcos (water bubbles)???

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

01:15 PM | 06-07-2020

Hello User,

Any disease can make you pre-dispose to another, because of your lifestyle continuation, if you take care of your lifestyle at this moment than there are definite chances that you get your self treated well. If we put in the definition of medical science having a flow from 2-5 days is completely normal. If it is according to the genetic issues, like your mother and sisters have been having the same flow and might have considered the same PCOS pattern then we have to take care of your lifestyle at this stage.

In any case, the cure remains the same, which is a holistic cure in nature's way.

Eat:

  • Start with food items like jaggery, dates, sprouts, green leafy vegetables which help in increasing iron content as well as regularise our menstrual cycle.
  • Vitamin C addition helps in easy-iron absorption, for example adding lemon in dals.
  • Include one fruit like apple, papaya, a banana a day to have a healthy GUT.
  • Eating methi seeds with warm water also helps in healthy periods.
  • You can also have cinnamon water, empty stomach as it helps in insulin sensitivity.

Exercise:

  • Sleep on your back, raise your one leg, and start rotating in a circular motion for 5 times and place it back, repeat the same with another leg. This will elevate your uterine muscles.
  • Squats are another exercise to improve uterine health. Do it 15-20 times at one time.
  • Sit and take 10-15 long deep breaths from the abdomen, to release all the toxicity.

Meditation:

While sleeping, take a bowl of water. Put two-three essential oil drops like lavender or orange and inhale it. It will help in calming nerves and discomfort during periods. Listen to music for 15 minutes by closing your eyes and deep breathing, this will help in treating stress.

Sleep:

Sleep should be of 7-8 hours, sound. This will help in releasing all stress and treat all the issues in a healthy manner. It is time to get yourself healthy and wise.

Hopefully, these suggestions will be helpful

Thank you



02:27 PM | 06-07-2020

हेलो,

कारण - पीसीओएस का पता चलने वाली  महिलाओं में इंसुलिन प्रतिरोध मौजूद होता है। यह स्थिति अंडाशय को टेस्टोस्टेरोन की अधिकता पैदा करने के लिए उत्तेजित कर सकता है, जिससे फॉलिकल का सामान्य विकास बाधित होता है। इससे अक्सर ओव्यूलेशन में अनियमितता होती है।

बदलती जीवनशैली, अधिक वजन होना, इंसुलिन प्रतिरोध, हार्मोन के असंतुलन जैसे कि टेस्टोस्टेरोन का बढ़ा हुआ स्तर, ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन का उच्च स्तर (एलएच) अधिक स्तर भी पीसीओएस का कारण बन सकता है। लंबे समय तक खराब हाजमा इस बीमारी का मूल कारण है। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाकर पूर्ण स्वास्थ्य पा सकते हैं।

समाधान - Day 1. लिक्विड सॉलि़ड लिक्विड फास्ट - यानी कि 1 दिन पूरा दिन लिक्विड पर रहना है। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है।  सुबह ख़ाली पेट इनमे से कोई भी हरा जूस लें।पेठे (ashguard ) का जूस लें और  नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर 100ml पानी में मिला कर छान कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। 

Day 2.  सॉलिड यानी कि पहला हर्बल जूस से स्टार्ट करेंगे। फिर 2 घंटे बाद फल खाएंगे फिर दोपहर में सलाद खाएंगे। रात को फिर से कच्ची सब्जियों का सलाद खाएंगे। सलाद में नमक नींबू का प्रयोग नहीं करेंगे। 2 घंटे बाद कोई एक तरीके का फल लें। दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ। यह सलाद रात को 7 बजे से पहले डिनर में भी लें। सब्जी,  नट्स बदल लेंगे तो सलाद के स्वाद में बदलाव आ जाएगा।

Day 3. लिक्विड डाइट पर रहेंगे यानी सुबह हर्बल जूस लेंगे। फल के जगह पर हर्बल जूस लेंगे। दोपहर में खाना कि देगा पर हर्बल जूस लेंगे। शाम को डिनर के जगह पर हर्बल जूस लेंगे।

day 4.  फास्टिंग रखना है, सुबह से लेकर शाम  4:00 बजे तक पानी भी ना लें। नारियल पानी से उपवास को तोड़े।

 2 घंटा बाद  कच्ची सब्जियों का सलाद बगैर नमक और नींबू की खाना है।

Day 5. लिक्विड पर रहेंगे।

Day 6. लिक्विड पर रहेंगे।

Day 7. सॉलिड पर रहेंगे।

जीवन शैली - शरीर पाँच तत्व से बना हुआ है प्रकृति की ही तरह।

आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी ये पाँच तत्व आपके शरीर में रोज़ खुराक की तरह जाना चाहिए।

पृथ्वी और शरीर का बनावट एक जैसा 70% पानी से भरा हुआ। पानी जो कि फल, सब्ज़ी से मिलता है।

1 आकाश तत्व- एक खाने से दूसरे खाने के बीच में विराम दें। रोज़ाना 15 घंटे का उपवास करें जैसे रात का भोजन 7 बजे तक कर लिया और सुबह का नाश्ता 9 बजे लें।

2 वायु तत्व- लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें रुकें फिर स्वाँस अंदर भरें ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक टाइम पर करना है। ये दिन में चार बार करें।I

दौड़ लगाएँ। 

3 अग्नि तत्व- सूरर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे।

4 जल तत्व- खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें और खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा करना है।

नीम के पत्ते का पेस्ट अपने नाभि पर रखें। 20मिनट तक रख कर साफ़ कर लें।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें।

पेट पर खीरा का पेस्ट 20 मिनट लगाएँ। फिर साफ़ कर लें। पैरों को 20 मिनट के लिए सादे पानी से भरे किसी बाल्टी या टब में डूबो कर रखें।

5. अगले 21 दिनों के लिए किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन लेना है। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

 

 

 

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator

 

03:14 PM | 07-07-2020

Can u tell in english mam please

Reply


12:42 PM | 06-07-2020

Namaskar!

We do understand your concern about PCOS. Women-health related issues such as PCOD or cyst etc. are often linked to hormonal balance. We would like to draw your attention to the Nature Cure perspective on the same.

Nature Cure believes that the root cause of most diseases/health conditions is Toxaemia- the accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle- wrong food habits, lack of rest and stress. Nature has equipped us with the measures of eliminating the toxins on a regular basis - through breathing, stool, urine, sweat, mucus depositions in nose, eyes and genitals etc. Whenever there is toxic overload due to insufficient or faulty elimination our body tries to throw out the toxins in the form of Flu, Loose-motions, cough, cold, fever, skin rashes and acute pain. Defying the body’s demand for rest and/ or suppressing the discomforting symptoms by quick-fixes like medicines, leads to an imbalance in the body. Periods are regulated by hormones - estrogen & progesterone. If there is a toxic overload on the body, it can prevent the hormones from performing their routine functions.

One can reverse this state of imbalance by getting back in sync with the natural laws of living. Our Natural Health Coach can look into your routine in a more comprehensive way and give you an action plan. Shifting to a natural lifestyle will also help you deal with all your other health issues. Let us know if you are interested, this coaching will be for a fee. You can explore our Nature-Nurtures Program for the same.  

We encourage you to take charge of your health. Be inspired by Women’s Health stories in our Journeys section - click here. 

Wishing you good health!

Regds
Team Wellcure 


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