10:04 AM | 10-07-2020

Suffering from urinary track infection, pl guide me.

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

01:19 PM | 10-07-2020

Hello Bhupendra,

Infections, when taken care of in a natural manner, can be treated very well than supporting them through any other way. A lifestyle change in addition to the change in any kind of diet is very helpful.

Urinary tract infections generally happen due to the fact, that our body gets exposed to the toxicity of the environment our body becomes vulnerable to it. Our immunity decreases making our body weaker. As we flush out the toxins by going through the natural process our body can easily take care of itself with the help of natural stimulations.

Here are a few things which you can try in your regular routine:


A diet which is rich in Vitamin C is found to be very helpful in this case, Vitamin C takes care of our immunity very well in order to get us treated from the infections. So start with consumption of, oranges, mosumbi, lemon, strawberries, sprouts, sweet potatoes. Starting your day with a two-three glass of warm water helps a lot in flushing out all the toxins, this should be your daily practice.

You can try, by soaking one tablespoon chia seeds in one glass of water for three hours, use the same glass and add one tablespoon lemon juice. Drink this water twice a day. This will help in treating the infection to its best.

If you are having any irritation or burning before and after the urine, then cleaning the part application of aloe vera gel is going to be very helpful. The next thing which you can try in the application of coconut oil in the area which helps in the treatment of infection.


Exercise helps a lot in detoxing if you take care of yourself and exercise daily then our body can easily help in flushing out all the toxins.

  • Going for a brisk walk in early morning sun helps in rejuvenating the cells, and making you feel more fresh and away from infections. Kegel exercise is another thing that you can start with.
  • Contract your pelvic floor muscle, hold it for 10 counts, and relax. Again do it. This exercise can be done at any time of the day, ideally, the bladder should be empty.


Meditation helps in releasing all the stress the ideal way to meditate is, take a bowl of water pour two-three drops of essential oil it, ideally, lavender or orange then inhale it.

Take deep breaths and calm the music, doing this all the stress will release, leaving you with a healthy body.


A sound sleep of 7-8 hours helps in making our cells healthier and calmer, sleep always makes immunity stronger and rejuvenate our cells.

Hopefully, these suggestions will help you.

Thank you

12:46 PM | 13-07-2020

Hello bhupendra,

The reason for any kind of infection is the accumulation of toxins in our body. Accumulation of toxins results in the reaction of the body's immune system which leads to infection.
Urinary tract infection may result due to following reasons -

  • Urinating in unhygienic conditions. 
  • Unclean undergarments. 
  • Not maintaining the cleanliness of genitals.
  • Not drinking enough water. 
  • Controlling the urge to urinate.

Some tips

  • Take some neem leaves and boil them in water. Also, rotate fitkari (alum) in this water. Then, use it to wash the private area after urinating every time.
  • Maintain personal hygiene. 
  • Whenever you have an urge to urinate, never try to control it.


  • Start the day with 3 to 4 glasses of warm water on an empty stomach in the morning. This will help to flush the toxins out of the body.
  • Eat sprouts, nuts, beans in your diet.
  • Have salads, fresh fruits, and green leafy vegetables. 
  • Drink coconut water. 
  • Drink plenty of water during the day to eliminate the toxins out of the body. 

Yoga and pranayam 

  Yoga and pranayam are very effective for any kind of health issue.

  • Do 12 sets of suryanamaskar daily. 
  • Do paschimottan asana, trikona asana, gomukha asana and padahasta asana. 
  • Practice pranayam regularly, specially anulom-vilom and bhastrika pranayam. 


Sleeping is equally important as our diet for a healthy body and mind. So, take proper sleep of at least 7-8 hours daily. Sleep early at night and also wake up early in the morning. Avoid using electronic gadgets at least 1 hour before sleeping to improve the quality of sleep. 

Thank you 

12:41 PM | 13-07-2020

कारण - मूत्र मार्ग संक्रमण (मूत्र पथ संक्रमण या यूटीआई) सूक्ष्मजीवों (बिना माइक्रोस्कोप के न दिखने वाले जीव) से होने वाला संक्रमण है। अधिकांश यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होते हैं।अधिकांश यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होते हैं लेकिन कभी कभी यह फंगस और वायरस द्वारा भी फैलता है। यह मनुष्यों में होने वाला सबसे आम संक्रमण है। शरीर में अम्ल की अधिकता होने पर संक्रमण का संभावना सबसे अधिक रहता है यह संक्रमण शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। इस संक्रमण से बचने के लिए आप प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को अपनाएं।

समाधान-1. एक टब में पानी भरे और उसमें 500 ml नीम की पत्तियों का  रस डालें। उसमें 20 मिनट के लिए बैठे और संकुचन क्रिया करें। 

2. हरे पत्तों में आप पालक के पत्ते धनिया के पत्ते पुदीने के पत्ते तुलसी के पत्ते दूब घास बेलपत्र या  सफेद पेठे का जूस ले सकते हैं। प्रतिदिन इसका सेवन सुबह खाली पेट डेढ़ सौ ई-मेल से दो से मृतक करें दोपहर में खाना खाने से घंटा पहले इसका सेवन डेढ़ सौ से 200 ml तक करें डिनर के 1 घंटे पहले इसका सेवन 200 ml तक करें।

3. खाना खाने से एक घंटे पहले नाभि के ऊपर गीला सूती कपड़ा लपेट कर रखें या खाना के 2 घंटे बाद भी ऐसा कर सकते हैं।

मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें।

मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें और हफ़्ते में 3 दिन मेरुदंड का स्नान करें। 

4. अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

कपूर मिश्रित नारियल तेल से पेट पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ash guard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100 ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है।

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ash guard) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। 

लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

7.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

8.उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200 ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।



प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

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