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Q&A
08:56 AM | 05-10-2020

I have a 2 mm kidney stone what shall I do?


The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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4 Answers

12:45 PM | 07-10-2020

Hello Lata,

We can understand that pain you are suffering from. The most important thing here is that if you deal with all these issues in harmony and natural way, the chances of relapse of stones will be less. Dehydration, poor diet and sedentary lifestyle are the main causes of kidney stone formation. It is time that we take an initiative towards it and heal your stones in a healthy natural way.

So, the best way to deal with kidney stones to take care of yourself with diet, exercise, meditation, and sleep.

Eat:

The first thing in the morning is to start your day with something light in nature. Easy to digest is what your breakfast should be because they are the kind of nutrients that get absorbed easily. Even the early morning ritual should include consumption of two-three glasses of warm water will help in flushing out all the toxins.

  • Vitamin C rich diet like oranges, mosumbi, lemons, sprouts, bell peppers helps in dissolving stones.
  • Daily after 2 hours of your afternoon meal, have one inch of ginger boiled in one cup of water and add 5-6 basil leaves for dissolving kidney stones.
  • Drink plenty of water.
  • No- refined salt intake.
  • Bananas which are high in the potassium content, prevent stone formation.

​​Exercise:

  • Pranayam helps in detoxifying the body. Practising it early morning in an area that has good sunlight will help in improving blood circulation.
  • Suryanamaskar, daily 12 sets will help in increasing the blood circulation of your body.
  • Ushtrasana, Uttanpadasana, Balasana, these asanas are really helpful for kidney stone relief. Do these under expert guidance.

Meditation:

In any kind of disease, stress comes complementary to it. But with our assurance and positive attitude, we can treat anything. The best thing to start with is breathing mindfully before sleeping with the help of music to stay positive. In a room take a bowl of water and add two-three drops of orange or lavender essential oil. This will help in soothing you and the aroma will relax you and keep you away from any kind of disease.

Use a 15-minute relaxation technique before sleep by hearing a piece of soothing music and deep breathing will help in relaxing your mind.

A positive attitude will help you to deal with everything in life.

Sleep:

Sleeping for at least 7-8 hours is really helpful in dealing with any problem. Sleep is our body's natural response and helps the body to heal. Sleep relaxes the muscles and strengthens our body. During sleep, our body goes into a repair mechanism where it heals itself.

Hopefully, these suggestions will help you.

Thank you.



08:39 AM | 12-10-2020

Hello Lata,

Kidney stones are deposits of minerals and acid salts that stick together in concentrated urine. They causes pain when passes through the urinary tract.
Kidney stone may result due to many reasons like not drinking enough water, following a diet high in protein, sodium and sugars, obesity, polycystic kidney, etc. 

Diet to follow- 

  •  the day with 3 to 4 glasses of warm water. This will help to flush out the toxins out of the body. 
  • Eat only plant based natural foods in your diet. 
  • Have fresh, seasonal, and locally available fruits and vegetables. 
  • Include salads, sprouts, nuts, and beans in your diet. 
  • Have whole grains like barley, millets, oats, etc in place of refined grains. 
  • Cook oil-free.
  • Have soaked dry fruits to get the easily absorbable nutrients. 
  • Drink plenty of water throughout the day to eliminate the toxins out of the body and to be hydrated. 

Foods to avoid- 

  • Avoid dairy products and animal foods. 
  • Avoid processed, packaged, oily, and spicy foods. 
  • Avoid tea, coffee, and other caffeinated drinks. 
  • Avoid sugars and sugary foods.

Exercise 

Being physically active is very essential to improve metabolism. 

  • Start the day with a short morning walk or jogging. 
  • Do 12 sets of suryanamaskar daily. 
  • Perform pranayam regularly, specially anulom-vilom and kapalbhati pranayam. 
  • Do bhujanga asana, chakra asana, parvat asana, gomukha asana. 
  • Practice yoga and pranayam in a place full of trees or in a garden.

Sleep

Sleeping is very essential for good metabolism. So, take proper sleep of at least 7-8 hours. Sleep early at night and also wake up early in the morning. 

Read books before sleeping to improve the quality of sleep. 

Thank you 



12:57 PM | 07-10-2020

हेलो,
कारण - उच्च सोडियम आहार पथरी बना सकता है क्योंकि यह आपके मूत्र में कैल्शियम की मात्रा बढ़ाता है। इसीलिए गुर्दे की पथरी से बचने के लिए अपने आहार में सोडियम की मात्रा कम करें। उच्च प्रोटीन आहार से साइट्रेट (मूत्र में मौजूद एक रसायन जो स्टोन के गठन को रोकता है) का स्तर भी कम होता है। खाने में नमक की मात्रा कम ले।
पानी जो कि फल और सब्जी में 90% होता है वह फल और सब्जी के जरिए जो पानी शरीर में जाता है उसको पचाने में शरीर को मेहनत नहीं करना पड़ता है और उसका वेस्टेज बहुत कम होता है। यानी उससे मूत्र ज्यादा नहीं बनता है लेकिन शरीर को पानी की जरूरत पूरी हो जाती है। इसकी जगह पर अगर पानी पीते हैं तो पानी का वेस्टेज 90% होता है। शरीर को उसका पोषक तत्व नहीं मिल पाता है। किडनी पर उसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

समाधान -  1.सूर्य नमस्कार करें। पवन मुक्त आसन करें।

सूर्य उदय के एक घंटे बाद या सूर्य अस्त के एक घंटे पहले का धूप शरीर को ज़रूर लगाएँ। सर और आँख को किसी सूती कपड़े से ढक कर। जब भी लेंटे अपना दायाँ भाग ऊपर करके लेटें ताकि आपकी सूर्य नाड़ी सक्रिय रहे। 

2. सुबह खीरे का जूस लें, खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे (ashguard ) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। बेल का पत्ता 8 से 10 पीस कर I100ml पानी में मिला कर पीएँ। खीरा 1/2 भाग धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। बेल पत्ता 8 से 10 पीस कर 100 ml पानी में मिला कर लें। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। जो की आपको ज़बर्दस्त फ़ायदा करेगा। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। मिनरल मिलेंगे। प्यास लगने की समस्या का निदान होगा। सरसों का साग,कोलार्ड ग्रीन (Collard Greens), पालक

ब्रोकोली, स्प्राउट, पत्ता गोभी, सूखे बेर, एवोकाडो, टमाटर

अंगूर, हरी सेम, हरे मटर, काजू, अखरोट इन्हें अपने खुराक में शामिल करें। इससे पाचन क्रिया ठीक होगा।

3 .मेरुदंड स्नान के लिए अगर टब ना हो तो एक मोटा तौलिया गीला कर लें बिना निचोरे उसको बिछा लें और अपने मेरुदंड को उस स्थान पर रखें। मेरुदंड (स्पाइन) सीधा करके बैठें। हमेशा इस बात ध्यान रखें। 

4. शलभासन, सेतुबंध आसन, भुजंग आसन, अधोमुख आसन, स्वानआसन करें।लंबा गहरा स्वाँस अंदर भरें और रुकें। इसके बाद फिर पूरे तरीक़े से स्वाँस को ख़ाली करें, रुकें, फिर स्वाँस अंदर भरें। ये एक चक्र हुआ। ऐसे 10 चक्र एक समय पर करना है। ये दिन में चार बार करें। ऐसा करने से शरीर में ऑक्सीजन और रक्त संचार की वृद्धि होगी।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2. वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3. अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4. जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है। नारियल तेल से

घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise)में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5. पृथ्वी - कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ लें। सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल ( yellow pumpkin)50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgurad) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ। लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लें। एक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

सेंधा नमक केवल एक बार पके हुए खाने में लें। जानवरों से उपलब्ध होने वाले भोजन वर्जित हैं।

तेल, मसाला, और गेहूँ से परहेज़ करेंगे तो अच्छा होगा। चीनी के जगह गुड़ लें।

6. एक नियम हमेशा याद रखें ठोस(solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ  ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

 

धन्यवाद।

रूबी,

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)

 

 



01:28 PM | 05-10-2020

Dear Lata,

Thanks for sharing your query with us. We would like to draw your attention to Nature Cure perspective on the same -

Nature Cure identifies the root cause of most diseases as TOXAEMIA - accumulation of toxins within the body.  While some toxins are an output of metabolism, others are added due to unnatural lifestyle – wrong food habits, lack of rest, stress etc. If not eliminated, the toxins get built up and cause diseases. Nature has equipped us with the measures of eliminating the toxins on a regular basis - through breathing, stool, urine, sweat, mucus depositions in nose, eyes and genitals etc. When there are too much of toxins to be excreted through the kidneys, they are considerably taxed and consequently, they become very weak. In such cases, the waste matter (uric acid urates, crystalline salts such as oxalate of lime, phosphate of lime, or ammonia-magnesium phosphate of lime) tends to be deposited in the kidneys as stone.

As you start aligning your body to the laws of nature you would be surprised to see how your body starts responding by eliminating toxins and recovering. You can also explore our  Natural Health Coaching Program that can help in making the transition, step by step. Our Natural Health Coach will look into your routine in a comprehensive way and give you an action plan. She/he will guide you to correct your existing routine & make it in line with Natural Laws. Please let us know if you are keen to explore. 

In the meanwhile, here are some resources available on our platform, you may want to explore:

  1. Blog - Natural cure of kidney stones

  2. Health journey - Overcoming 16 year old kidney issues naturally!

All the best!

Team Wellcure


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