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Q&A
10:48 AM | 23-11-2020

I'm dealing with trauma/death anxiety/ and severe stress after sudden passing of my dad. I just can't do normal things always thoughts of death and heart attack I don't know whether I should post it here or not but I need help. Please help me!

The answers posted here are for educational purposes only. They cannot be considered as replacement for a medical 'advice’ or ‘prescription’. ...The question asked by users depict their general situation, illness, or symptoms, but do not contain enough facts to depict their complete medical background. Accordingly, the answers provide general guidance only. They are not to be interpreted as diagnosis of health issues or specific treatment recommendations. Any specific changes by users, in medication, food & lifestyle, must be done through a real-life personal consultation with a licensed health practitioner. The views expressed by the users here are their personal views and Wellcure claims no responsibility for them.

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3 Answers

12:21 PM | 24-11-2020

Hello,

Mental health is equally important just like our physical health for a healthy body. Anxiety, tachycardia, headache, acidity all these problems of yours are inter-related. The reason for these problems is the accumulation of toxins in the body which is due to the consumption of high fatty foods, high-stress levels and the wrong lifestyle. By making some changes in lifestyle and eating habits, you can achieve good mental and physical health.

Diet to follow- 

  • Drink 3 to 4 glasses of warm water in the morning on an empty stomach. This will help to flush the toxins out of the body.
  • Include Vitamin C in your diet like have blueberries, oranges, lemon, amla, etc.
  • Eat soaked raisins, dry fruits, and sprouts to get them easily absorbable nutrients. 
  • Have a fibre-rich diet. Eat salads, fresh fruits, and vegetables. Also, drink freshly prepared homemade fruit juices with fibres. This will help in the movement of stool and will add bulk to the stool, so that, it can be removed easily from the body.
  • Drink plenty of water throughout the day. 

Exercise 

Doing exercise or yoga daily will help to improve the blood circulation in the body and also to improve the metabolism of the body. 

  • Take a brisk morning walk of at least 30min.
  • Perform pranayam regularly, specially anulom-vilom and bhastrika pranayam. 
  • Do suryanamaskar daily. 
  • Perform paschimottan asana, trikona asana, gomukha asana and padahasta asana. 

Sleep

Sleeping is important to maintain the circadian rhythm, it also maintains our metabolism and reduces stress levels. Therefore, take proper sleep of at least 7-8 hours daily. Sleep early at night at around 10 pm and also wake up early in the morning at around 6 am. Read books before sleeping for a good quality sleep. 

Thank you 



12:23 PM | 23-11-2020

Namaskar,

Thanks for sharing your concern with us! We are sorry to hear about your loss! We do empathise with your state of mind!

To begin with, please understand that as per Nature Cure approach the body is seen as a whole unit and therefore any health issue (physical/mental) is concerned with the overall functioning and internal state of balance. Owing to wrong lifestyle choices, toxins get accumulated in the body and disrupt the internal balance. Our gastrointestinal tract ( GI Tract or GUT) is a long tube inhabited by millions of microbes and about 70% of our health depends on the quality of the gut. These microbes play a crucial role in communicating with the brain. When the sensitive balance of gut flora (microbes) is disturbed it affects our mental health too. 

If we support the body with the right inputs in terms of food as well as non-food elements (like sleep, exercise, relaxation etc.) we can prevent and heal mental health issues. We would thereby encourage you to adopt a natural lifestyle to deal with your condition. You can explore our Natural Health Coaching Program that helps you in making the transition, step by step. Should you feel the need to take one-on-one consultation with a mental health coach, we could help you connect with one. Let us know by writing to us at info@wellcure.com (do mention which city to reside in).

In the meantime, you may find it helpful to explore these resources:

  1. Blogs 

    1. Tension, anxiety and depression - Deal with it naturally

    2. 5 Practical Tools to Overcome Stress

  2. There are many natural healing stories on Wellcure, but we would like to guide you to the following specifically as they included healing from anxiety & depression also.

All the best!

Team Wellcure



12:21 PM | 24-11-2020

हेलो,
कारण -दुखद घटना और मस्तिष्क के ऊतकों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। मानसिक स्वास्थ्य में कमी जैसेे कि तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन की समस्या हो सकती है। ऑक्सीजन और रक्त संचार में कमी का कारण शरीर में अम्ल की अधिकता है। जैसे वायुमंडल में हवा दूषित होने पर ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है उसी तरीके से शरीर में अम्ल की मात्रा बढ़ने से ऑक्सीजन और रक्त की संचार में कमी आती है। पाचन तंत्र स्वस्थ ना हो  तो अम्ल की अधिकता होती है।

प्राकृतिक जीवन शैली को अपनाकर इसे पूर्ण रूप से ठीक किया जा सकता है इसको ठीक होने में 8 से 10 महीने का समय लग सकता है। उत्तम स्वास्थ्य हेतु प्राकृतिक जीवन शैली को किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में अपनाएं।

समाधान -1. मेरुदंड स्नान काफी लाभकारी होता है यह हमारे स्नायु तंत्र को स्वस्थ रखता है । एक मोटा तोलिया लेकर उसको भिगो दें बिना निचोड़े योगा मैट पर बिछाए और उसके ऊपर कमर से लेकर के कंधे तक का हिस्सा रखें। उस गीले तौलिए पर रहे 20 मिनट के बाद इसको हटा दें। ऐसा करने से आप का मेरुदंड में ब्लड और ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा। जो कि हमारे सिर के नसों से कनेक्टेड रहता है।

2. प्राणायाम करना है।लंबा गहरा श्वास अंदर लें रुको थोड़ी देर सांस को पूरी तरीके से खाली करें और फिर रुके थोड़ी देर ऐसा करने से आपके शरीर में ऑक्सीजन का सरकुलेशन ठीक हो जाएगा । योग निद्रा, अंतर मौन प्रतिदिन 20 मिनट के लिए सुनें। इंस्ट्रुमेंटल म्यूजिक को सुनें। अपने घर के वातावरण को प्राकृतिक फूलों की सुगंध से सुसज्जित करें।

जीवन शैली - 1. आकाश तत्व - एक खाने से दुसरे खाने के बीच में अंतराल (gap) रखें।

फल के बाद 3 घंटे, सलाद के बाद 5 घंटे, और पके हुए खाने के बाद 12 घंटे का (gap) रखें।

2.वायु तत्व - प्राणायाम करें, आसन करें। दौड़ लगाएँ।

3.अग्नि - सूर्य की रोशनी लें।

4.जल - अलग अलग तरीक़े का स्नान करें। मेरुदंड स्नान, हिप बाथ, गीले कपड़े की पट्टी से पेट की गले और सर की 20 मिनट के लिए सेक लगाए। 

स्पर्श थरेपी करें। मालिश के ज़रिए भी कर सकते है।

तिल के तेल रीढ़ की हड्डी पर घड़ी की सीधी दिशा (clockwise) में और घड़ी की उलटी दिशा (anti clockwise) में मालिश करें। नरम हाथों से बिल्कुल भी प्रेशर नहीं दें।

5.पृथ्वी - सुबह खीरा 1/2 भाग, धनिया पत्ती (10 ग्राम) पीस लें, 100 ml पानी मिला कर पीएँ। यह juice आप कई प्रकार के ले सकते हैं। पेठे  (ashgourd) का जूस लें और कुछ नहीं लेना है। नारियल पानी भी ले सकते हैं। पालक  पत्ते धो कर पीस कर 100ml पानी डाल पीएँ। दुब घास 25 ग्राम पीस कर छान कर 100 ml पानी में मिला कर पीएँ। कच्चे सब्ज़ी का जूस आपका मुख्य भोजन है। 2 घंटे बाद फल नाश्ते में लेना है। 

फल को चबा कर खाएँ। इसका juice ना लें। फल सूखे फल नाश्ते में लें।

दोपहर के खाने में सलाद नट्स और अंकुरित अनाज के साथ  सलाद में हरे पत्तेदार सब्ज़ी को डालें और नारियल पीस कर मिलाएँ। कच्चा पपीता 50 ग्राम कद्दूकस करके डालें। कभी सीताफल (yellow pumpkin) 50 ग्राम ऐसे ही डालें। कभी सफ़ेद पेठा (ashgourd) 30 ग्राम कद्दूकस करके डालें। ऐसे ही ज़ूकीनी 50 ग्राम डालें।कद्दूकस करके डालें।कभी काजू बादाम अखरोट मूँगफली भिगोए हुए पीस कर मिलाएँ।  लाल, हरा, पीला शिमला मिर्च 1/4 हिस्सा हर एक का मिलाएँ। लें। बिना नींबू और नमक के लें। स्वाद के लिए नारियल और herbs मिलाएँ।

रात के खाने में इस अनुपात से खाना खाएँ 2 कटोरी सब्ज़ी के साथ 1कटोरी चावल या 1रोटी लेएक बार पका हुआ खाना रात को 7 बजे से पहले लें।

6.एक नियम हमेशा याद रखें ठोस (solid) खाने को चबा कर तरल (liquid) बना कर खाएँ। तरल  को मुँह में घूँट घूँट पीएँ। खाना ज़मीन पर बैठ कर खाएँ। खाते वक़्त ना तो बात करें और ना ही TV और mobile को देखें।ठोस  भोजन के तुरंत बाद या बीच बीच में जूस या पानी ना लें। भोजन हो जाने के एक घंटे बाद तरल पदार्थ ले सकते हैं।

हफ़्ते में एक दिन उपवास करें। शाम तक केवल पानी लें, प्यास लगे तो ही पीएँ। शाम 5 बजे नारियल पानी और रात 8 बजे सलाद लें।

7. उपवास के अगले दिन किसी प्राकृतिक चिकित्सक के देख रेख में टोना लें। जिससे आँत की प्रदाह को शांत किया जा सके। एनिमा किट मँगा लें। यह किट ऑनलाइन मिल जाएगा। इससे 200ml पानी गुदाद्वार से अंदर डालें और प्रेशर आने पर मल त्याग करें। ऐसा दिन में दो बार करना है अगले 21 दिनों के लिए। ये करना है ताकि शरीर में मोजुद विषाणु निष्कासित हो जाये। इसके बाद हफ़्ते में केवल एक बार लेना है उपवास के अगले दिन। टोना का फ़ायदा तभी होगा जब आहार शुद्धि करेंगे।

धन्यवाद।

रूबी, 

प्राकृतिक जीवनशैली प्रशिक्षिका व मार्गदर्शिका (Nature Cure Guide & Educator)


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